Sunday, November 30, 2008

tu bin bataye....

तू बीन बतायें मुझे ले चल कहीं
जहां तू मुस्कूरायें मेरी मंझिल वहीं

मिठी लगी, चख के देखी अभी
मिश्री की डली, जिंदगी हो चली
जहां हैं तेरी बाहें, मेरा साहील वहीं

मन की गली तू पुहारों सी आ
भीग जायें मेरे ख्वाबों का काफिला
जिसे तू गुनगुनायें मेरी धून हैं वहीं.....